पांच राज्यों में से चार पर बीजेपी ने कब्जा जमा लिया। बीजेपी की दूसरी बार यूपी में जीत होने से सीएम योगी का कद बढ़ गया है। उधर केजरीवाल ने पंजाब में धमाल किया है। कांग्रेस पस्त है, बसपा और सपा का बुरा हाल है। कैसे शुरू होगी 2024 लोकसभा चुनाव की दौड़?

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जिन पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे गुरुवार को आए हैं, उनका असर महज उन राज्यों में सरकार बनाने तक सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि यहां से रेस शुरू होती है 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए। इन राज्यों के नतीजों के सहारे अब सारा जोड़-घटाव लोकसभा चुनाव के लिए शुरू होना तय है। हालांकि इस बीच गुजरात, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव भी होंगे, लेकिन नजर 2024 पर ही होगी। इन पांच राज्यों के नतीजे इसलिए अहम हैं कि इन राज्यों से 102 लोकसभा की सीट आती हैं और बीजेपी को केंद्र में 300 के पार पहुंचाने में इन राज्यों की महती भूमिका थी। विपक्ष ने इन राज्यों के जरिए परिदृश्य में बदलाव की उम्मीद पाल रखी थी लेकिन अब वह नई रणनीति के साथ आगे बढ़ेगा।

होली से पहले कई क्षेत्रीय दलों के नेताओं का दिल्ली में जुटान भी होने वाला है। बीजेपी के लिए तसल्लीबख्श बात यह भर नहीं है कि उसने सबसे ज्यादा (80) लोकसभा सीट वाले राज्य में अपनी वापसी कर ली है बल्कि यह है उसने अपना ऐसा एक मजबूत वोटबैंक तैयार कर लिया है जो विपक्ष के किसी भी तरह के गठबंधन से प्रभावित नहीं हो रहा। इस बार भी मोदी और योगी के चेहरे के आगे बीजेपी के खिलाफ सभी फैक्टर बेअसर साबित हो गए। और यहीं से योगी आदित्यनाथ के लोकप्रियता के पायदान पर नरेंद्र मोदी के बाद नंबर दो की पोजीशन में आने की चर्चा भी शुरू हो गई है।

AAP in Punjab Election and 2024 Lok Sabha elections

पंजाब में कांग्रेस का सत्ता से बेदखल होना उतनी बड़ी बात नहीं है, जितनी बड़ी बात आम आदमी पार्टी का वहां सत्ता में आना है। यह पहला मौका है कि जब किसी एक राज्य की पार्टी किसी दूसरे राज्य में सरकार बनाने जा रही है। आम आदमी पार्टी की जीत का महत्व यह भर नहीं है कि उसने पंजाब जीत लिया है, बल्कि यह है कि वह कांग्रेस का विकल्प बन रही है। दिल्ली के बाद पंजाब में विस्तार दिखा। 2024 के मद्देनजर अब आम आदमी पार्टी गुजरात को लक्ष्य कर रही है। आम आदमी पार्टी का यह विस्तार कांग्रेस को और ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। पिछले साल गुजरात के निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी सूरत में कांग्रेस को झटका दे ही चुकी है। उसके बाद से गुजरात में कांग्रेस में असहजता महसूस करने वाले कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के आम आदमी पार्टी के सम्पर्क में होने की बात कही जा रही है।

कांग्रेस के लिए यह खतरा गुजरात भर का नहीं है बल्कि आम आदमी पार्टी का ये असर कई दूसरे राज्यों पर भी है। उत्तराखंड में वह इस बार वह मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनाव लड़ी ही, भले ही उसे वहां पंजाब जैसी सफलता न मिली हो, लेकिन उसने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश भी आम आदमी पार्टी की लिस्ट में हैं जहां अब कांग्रेस की बीजेपी से सीधी लड़ाई होती रही है। अरविंद केजरीवाल की कोशिश भी 2024 के चुनाव में प्रभावी चेहरा बनने की होगी।

Mamta Banerjee, Akhilesh Yadav, Jayant chaudhary and 2024 Lok Sabha elections

उत्तराखंड भी 2024 के नजरिए से बीजेपी को सुकून देने वाला है। पिछले दो लोकसभा चुनाव से बीजेपी यहां की सभी पांच सीट जीतती आ रही है। इस बार जिस तरह से चुनाव पूर्व के आखिरी छह महीनों में पार्टी को अपने दो-दो सीएम बदलकर धामी को लाना पड़ा उसका असर चुनाव पर पड़ना तय माना जा रहा था लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उत्तराखंड जबसे बना है, वहां का इतिहास रहा है कि कोई पार्टी लगातार सत्ता में वापस नहीं आई लेकिन बीजेपी ने इस बार वह मिथ भी तोड़ दिया। बीजेपी को लगता है कि अगर यह पर्वतीय राज्य मजबूत रहा तो लोकसभा के चुनाव में पांच सीटों के बहुत मायने होते हैं।

उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के लिए यह हार एक बड़ा झटका है, वह इससे उबरने के लिए अब 2027 के बजाय 2024 की ही तैयारी में जुटना चाहेंगे। अपने निराश कार्यकर्ताओं में जोश भरने का यह एक मौका होगा। उन्हें यह भी पता है कि अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में भी अगर वह बीजेपी से पार नहीं पा सके तो उनके लिए 2027 का मुकाबला भी कठिन हो जाएगा। उधर हाशिए पर जा चुकी बीएसपी के लिए भी लोकसभा चुनाव अपने अस्तित्व बचाने का एक मौका होगा।

इस बीच विपक्ष की गोलबंदी फिर से शबाब पर दिखने वाली है। इस बार 2024 के चुनाव में विपक्ष मोदी के खिलाफ एक चेहरे के साथ जाना चाहता है। इस चेहरे के कई दावेदार हैं, जिसमें बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और तेलंगाना के सीएम केसीआर भी शामिल हैं। इन सबके मददेनजर आने वाले दिनों में एक बार फिर से राजनीतिक गहमी गहमी बढ़ती हुई दिखेगी।

आवाज़ : रोहित उपाध्याय

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