आज का दैनिक राशिफल इन हिंदी 2022(Aaj ka Dainik Rashifal): सभी 12 राश‍ियों के लिए कैसा रहेगा आज का द‍िन, मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ, मीन का राशियों की दैनिक राशिफल पूरी जानकारी आपको यहां मिलेगी नवभारत गोल्ड पर -आचार्य कृष्णदत्त शर्मा

मेष- राशि स्वामी मंगल, वृष राशि पर आ चुका है। चंद्रमा आज तृतीय भाव में होने से गृहोपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी। अधीनस्थ कर्मचारी या किसी रिश्तेदार के कारण तनाव मिल सकता है। रुपए पैसे के लेन-देन में सावधानी रखें। ससुराल पक्ष से लाभ होगा। वाहन प्रयोग में सावधानी रखें।

वृषभ- राशि का स्वामी शुक्र चतुर्थ भाव में और राहु मेष राशि का होकर द्वादश भाव में होने से जीविका के क्षेत्र में चल रहे प्रयास फलीभूत होंगे। राजनीतिक सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति उदासीन न रहें। वाणी पर संयम रखें। विरोधी परास्त होंगे।

मिथुन - आज राशि से द्वादश भाव में चंद्रमा मन को संतोष देने वाला है। पंचम भाव में बुध से व्यावसायिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। उपहार व सम्मान का लाभ मिलेगा। किसी कार्य के संपन्न होने से आपके स्वभाव एवं वर्चस्व में वृद्धि होगी। ससुराल पक्ष से तनाव मिलेगा। मैत्री संबंध मधुर होंगे।

कर्क- आज राशि स्वामी चंद्र एकादश भाव में कोष वृद्धि का संकेत है। दांपत्य जीवन सुखमय होगा। धन, पद, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। शारीरिक व मानसिक क्लेश मिल सकता है। परीक्षा की दिशा में किया गया श्रम सार्थक होगा। विरोधी परास्त होंगे।

सिंह- दशम भाव का चंद्रमा और नवम घर में मेष राशि का राहू आज प्रभाव प्रताप को बढ़ाने वाला है, रोजी रोजगार की दिशा में सफलता मिलेगी। उपहार व सम्मान का लाभ मिलेगा। दूसरों के सहयोग लेने में सफल होंगे। यात्रा देशाटन की स्थिति सुखद व लाभप्रद होगी। प्रियजनों से भेंट संभव है।

कन्या- द्वितीय भाव में चंद्रमा शुभ व्यय, कीर्ति की वृद्धिकारक है। व्यावसायिक दिशा में सफलता मिलेगी। खान-पान में संयम रखें। अनावश्यक व्यय का सामना करना पड़ सकता है। विरोधियों का प्रभाव होगा। रोजी रोजगार में सफलता मिलेगी।

तुला- राशि स्वामी सिंह वृषभ राशि का होकर एकादश भाव में और अष्टम में चंद्रमा के प्रभाव से राजनीतिक दिशा में किए गए प्रयास फलीभूत होंगे। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। पद, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। किसी अभिन्न मित्र से मिलाप की संभावना है। आय और व्यय में संतुलन बनाकर रखें।

वृश्चिक- राशि स्वामी भोम के वृषभ राशि पर होने और षष्ठम भाव में चंद्रमा होने से पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। शासन सत्ता का सहयोग रहेगा। रुका हुआ कार्य सम्पन्न होगा। किसी मूल्यवान वस्तु के खोने व चोरी की संभावना है। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें।

धनु- देवगुरु मीन राशि पर और चंद्रमा षष्ठम प्रमुख शत्रु स्थान में चल रहे हैं अतः आर्थिक दिशा में सफलता मिलेगी। वाणी की सौम्यता आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। खान-पान में संयम बरतें। ससुराल पक्ष से लाभ होगा।

मकर- आपकी राशि से चतुर्थ राहू और राशि का स्वामी शनि द्वितीय स्थान घर में होनेे के कारण व्यावसायिक योजना को बल मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। कार्यक्षेत्र में कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। मनोरंजन के अवसर प्राप्त होंगे। विरोधी परास्त होंगे।

कुंभ- आज चतुर्थ सुख भाव में वृषभ राशि का चंद्रमा होने के फलस्वरूप बेरोजगार व्यक्तियों को रोजगार मिलने की संभावना है। आर्थिक दिशा में किए प्रयास सफल होंगे। खान-पान पर संयम रखें। ससुराल पक्ष से लाभ होगा। झगड़ा विवाद से बचें।

मीन- राशि स्वामी बृहस्पति द्वादश व्यय भाव में राज्य मान-प्रतिष्ठा वृद्धिकारक है। रोजगार के क्षेत्र में चल रहे प्रयास फलीभूत होंगे। राजनीतिक सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति उदासीन न रहें। वाणी पर संयम रखें। रिश्तों में मधुरता आयेगी।



जन्मदिन की शुभकामनाएं

यह वर्ष चांदी के पाद से प्रवेश कर रहा है। वर्ष का स्वामी मंगल बुध ग्रह बने हैं। मंगल भूमि का स्वामी, युद्ध प्रिय, साहसी, अग्रणी, सुव्यवस्थापक ग्रह है। जिसको बुध का सानिध्य बौद्धिक गुणों वाला, कुशल व्यापारी भी बना देता है। सितंबर शेष से अक्टूबर महीने के अंत तक घरेलु सुख साधन, वाहन, मकान प्राप्ति के प्रबल योग है। नवंबर माह से दिसंबर के बीच में अकारण शत्रु उत्पत्ति होकर उनका मान मर्दन भी हो जाएगा। इस वर्ष जनवरी और फरवरी महीने में किसी मांगलिक कार्य का अनुष्ठान अथवा प्रतिष्ठावर्धक कार्य भी आपके परिवार में होंगे। मार्च माह से लेकर अप्रैल महीने में रोग ऋण से मुक्ति मिलेगी और निकट संबंधी आपके इर्द-गिर्द घूमेंगे। मई से लेकर जून माह में व्यर्थ की भागदौड़ में स्थाई व अस्थाई व्यापार का विस्तार एवं धार्मिक स्थानों पर पर्यटन का योग है। जुलाई से अगस्त तक ग्रहयोग आपके पुरुषार्थ को उजागर करेगा। विद्यार्थी के लिए वर्ष उत्तम है। भाग्य का उदय धन कर्म कीर्ति की वृद्धि, शत्रु चिंताओं का दमन, प्रबल से प्रबल विरोधियों के होने पर भी अं में सर्वत्र विजय, विभूति, सफलता की प्राप्ति हर्ष मंगलमय परिवर्तन और मनोर्थ सिद्धि होगी।

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