वनडे रैंकिंग में कैसा है भारत का हाल? क्यूं बदलने वाली है आईसीसी टेस्ट रैंकिंग की तस्वीर। इंग्लैंड की धरा पर भारत के नाम दर्ज हुआ कौन सा रेकॉर्ड? कब बंधेगा केएल राहुल के सिर सेहरा? तमीम इकबाल ने क्यों लिया टी-20 से संन्यास? इन खबरों के साथ जानिए खेल जगत की अहम सुर्खियां और इतिहास की अहम घटनाओं के बारे में।

वनडे रैंकिंग में भारत हुआ मजबूत
भारतीय टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-1 से जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही भारत ने कई रेकॉर्ड भी अपने नाम किए। साथ ही आईसीसी वनडे रैंकिंग में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। अब तीसरे स्थान पर मौजूद भारत की स्थिति और मजबूत हो गई है। चौथे नंबर पर मौजूद पाकिस्तान के लिए भारत को पीछे करना मुश्किल होगा। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में 10 विकेट से शानदार जीत हासिल करने के बाद भारत ने पाकिस्तान को आईसीसी रैंकिंग में पीछे किया था। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में भारत की हार के बाद सीरीज गंवाने का खतरा भी मंडरा रहा था। अगर टीम इंडिया वनडे सीरीज हार जाती तो आईसीसी रैंकिंग में पाकिस्तान तीसरे नंबर पर आ जाता और भारत चौथे स्थान पर खिसक जाता, लेकिन सीरीज जीतकर टीम इंडिया ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। अब भारत के पास 109 रेटिंग प्वाइंट हैं और वो पाकिस्तान से तीन रेटिंग प्वाइंट आगे है। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम 128 रेटिंग के साथ पहले स्थान पर मौजूद है, जबकि इंग्लैंड की टीम भारत से हारने के बावजूद 212 रेटिंग प्वाइंट के साथ दूसरे नंबर पर बनी हुई है। 101 रेटिंग वाली ऑस्ट्रेलिया पांचवें स्थान पर है।

तेजी से बदल सकती है आईसीसी रैंकिंग की तस्वीर
आने वाले कुछ हफ्तों में आईसीसी रैंकिंग में तेजी से बदलाव हो सकता है। छठे पायदान पर मौजूद दक्षिण अफ्रीका चौथे स्थान पर काबिज पाकिस्तान से सिर्फ सात रेटिंग प्वाइंट पीछे है और इंग्लैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप करने पर दक्षिण अफ्रीका की टीम चौथे स्थान पर आ सकती है। भारत को इसी सप्ताह से वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है और यहां जीत हासिल कर भारत अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। पाकिस्तान फिलहाल श्रीलंका के साथ टेस्ट सीरीज खेल रहा है और अगस्त में यह टीम नीदरलैंड में वनडे सीरीज खेलेगी।

इंग्लैंड की धरती पर भारत के नाम रेकॉर्ड
भारत ने इंग्लैंड को वनडे सीरीज में 2-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत ने कई रेकॉर्ड भी अपने नाम किए। टीम इंडिया इंग्लैंड में 2015 से लेकर अब तक यानी पिछले आठ साल में द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीतने वाली सिर्फ दूसरी टीम है। इस दौरान इंग्लैंड ने 15 द्विपक्षीय वनडे सीरीज सात टीमों के खिलाफ खेली है। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया ने 2015 में इंग्लैंड को 3-2 से और 2020 में 2-1 से हराया था।

कब बंधेगा राहुल के सिर सेहरा
टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल और बॉलीवुड अभिनेत्री अथिया शेट्टी अगले साल शादी कर सकते हैं। दोनों जनवरी या फरवरी के महीने में शादी के बंधन में बंध सकते हैं। अथिया ने कुछ समय पहले ही कहा था कि तीन महीने में उनकी शादी की बात गलत है। उन्होंने इन अफवाहों को मजाक बनाते हुए लिखा था कि उन्हें उम्मीद है कि उस शादी में उन्हें भी बुलाया जाएगा, जो तीन महीने में होने वाली है। इसके बाद मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ये दोनों अगले साल जनवरी या फरवरी के महीने में शादी कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अगर राहुल और अथिया के परिवार प्लान में बदलाव नहीं करते हैं तो यह शादी साल 2023 की शुरुआत में होने वाली है। हालांकि, शादी कब होगी और किस जगह पर होगी। इस बारे में कुछ तय नहीं किया गया है।

तमीम का टी-20 से संन्यास का ऐलान
बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल ने अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। इकबाल ने फेसबुक में बांग्ला भाषा में लिखा कि अब से उन्हें टी-20 क्रिकेट से रिटायर माना जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी को धन्यवाद कहा है। वो लगभग दो साल से बांग्लादेश के लिए कोई टी-20 मैच नहीं खेले थे। तमीम ने आखिरी टी-20 मैच मार्च 2020 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था। इस मैच में उन्होंने 33 गेंद में 41 रन बनाए थे। तमीम बांग्लादेश के एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टी-20 क्रिकेट में शतक लगाया है। उन्होंने अपने देश के लिए 78 टी20 मैच खेले हैं और 1758 रन बनाए हैं।

दो कैरेबियाई खिलाड़ियों ने लिया संन्यास
टीम इंडिया के दौरे से पहले वेस्टइंडीज से बड़ी खबर आ रही है। सोमवार रात वेस्टइंडीज के 2 खिलाड़ियों ने संन्यास की घोषणा कर दी है। इनमें धाकड़ बल्लेबाज लेंडल सिमंस और विकेटकीपर दिनेश रामदीन शामिल हैं। हालांकि, ये दोनों टीम इंडिया के खिलाफ घोषित कैरेबियाई टीम का हिस्सा नहीं थे। लेकिन, दोनों ने ही इंटरनैशनल क्रिकेट में खूब रन बटोरे हैं। दोनों ने एक ही दिन संन्यास का ऐलान किया। सिमंस ने टी-20 इंटरनैशनल की एक इंनिंग में सबसे ज्यादा छक्के मारने का रेकॉर्ड बनाया था। उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ साल 2020 में खेले मुकाबले में 91 रनों की पारी में दस छक्के जमाए थे। हालांकि बाद में यह रेकॉर्ड टूट गया था। वहीं, दिनेश रामदीन ने 2005 में डेब्यू किया था। 37 साल के रामदीन ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में संन्यास की घोषणा की। उन्होंने दिसंबर 2019 के बाद से कोई इंटरनैशनल मैच नहीं खेला था। वे 2012 और 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज की विजेता टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं।

वनडे से स्टोक्स ने लिया संन्यास
इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। स्टोक्स ने अब तक 104 वनडे मैच खेले हैं। 31 साल के स्टोक्स 2019 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में मैन ऑफ द मैच रहे थे। यह मैच लॉर्ड्स में खेला गया था और इसे इंग्लैंड ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीता था। फाइनल में उन्होंने 84 रन की पारी खेली थी। 2011 में उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था। स्टोक्स ने 2919 रन बनाए हैं और 74 विकेट उनके नाम दर्ज हैं।

आने वाले मुकाबले
- आज आयरलैंड और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा टी-20 मैच खेला जाएगा।
- 22 जुलाई को भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला वनडे मैच खेला जाएगा।
- 22 जुलाई को ही दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच दूसरा वनडे खेला जाएगा।
- आयरलैंड और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा टी-20 मैच 22 जुलाई को खेला जाएगा।


वनडे में पाकिस्तान का सबसे बड़ा स्कोर
क्रिकेट के इतिहास में आज का दिन पाकिस्तान के लिए बेहद खास है। चार साल पहले आज ही के दिन उसने अपने वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया था। बेशक उनका वो रेकॉर्ड भी जिंबाब्वे जैसी कमजोर टीम के खिलाफ आया, लेकिन रेकॉर्ड बुक में उस दिन उन्होंने दो रेकॉर्ड दर्ज करा लिए थे। पाकिस्तान के सबसे बड़े वनडे स्कोर के अलावा उनके बल्लेबाज फखर जमान ने भी सबसे बड़ी पारी खेली थी। पाकिस्तान की टीम जुलाई 2018 में जिंबाब्वे दौरे पर थी। उस दौरे पर खेली गई वनडे सीरीज का चौथा मुकाबला बुलावायो में खेला गया था। चौथे वनडे मैच में पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और उनका ये फैसला सही भी साबित हुआ। पाकिस्तानी टीम ने सिर्फ एक विकेट गंवाते हुए जो कहर बरपाया उसे जिंबाब्वे की टीम कभी नहीं भूलेगी। एक तरफ जहां इमाम उल हक ने 122 गेंदों में 113 रनों की पारी खेली। वहीं दूसरे ओपनर फखर जमान ने पाकिस्तान के वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक व उनका सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बना डाला। फखर ने 156 गेंदों में नाबाद 210 रनों की पारी खेली। उन्होंने इसी के साथ 21 साल पुराना सईद अनवर का रेकॉर्ड तोड़ डाला। सईद अनवर ने 1997 में 194 रनों की वनडे पारी खेली थी, जो इस तारीख तक किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी की सबसे बड़ी वनडे पारी थी। पाकिस्तान ने 50 ओवर में 1 विकेट खोते हुए 399 रनों का स्कोर खड़ा कर किया था। जवाब में उतरी जिंबाब्वे की टीम 42.4 ओवर में महज 155 रन पर सिमट गई थी।


वो खिलाड़ी जिसकी गेंद सईद अनवर भी नहीं खेलना चाहते थे
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे खिलाड़ी रहे जो घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन के दम पर नैशनल टीम में पहुंचे। कुछ मैचों में शानदार खेल भी दिखाया, लेकिन करियर छोटा होने के कारण ज्यादातर लोग उन्हें सुनील गावस्कर या कपिल देव या अन्य ऐसे ही खिलाड़ियों की तरह याद नहीं रख पाए। आज ऐसे ही एक क्रिकेटर का जन्मदिन है। वे बेहद प्रतिभाशाली होते हुए भी वो मुकाम हासिल नहीं कर सके, जिसके वे हकदार थे। उस क्रिकेटर का नाम देबाशीष मोहंती है। 20 जुलाई 1976 को जन्मा यह गेंदबाज अपने जमाने का स्विंग का सुल्तान था। देबो की स्विंग गेंदबाजी इतनी खतरनाक थी कि पाकिस्तान के दिग्गज सईद अनवर भी उनसे घबराते थे। अनवर, मोहंती की गेंदें खेलने से बचना चाहते थे। हालांकि, ओपनर होने के कारण वे ऐसा चाहकर भी नहीं कर पाते।

देबो आज 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। दरअसल, देबाशीष की भारतीय टीम में एंट्री ही गलत समय पर हुई। वे तब टीम में आए जब जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद की जोड़ी जगह बना चुकी थी। वे भारत के लिए 1997 में टोरंटो में पहला वनडे मैच खेलते हैं। यह छह मैचों की वनडे सीरीज थी, जो भारत और पाकिस्तान के बीच कनाडा में खेली गई थी। श्रीनाथ और वेंकटेश चोट के कारण टीम से बाहर थे और भारतीय गेंदबाजी की कमान दुबले-पतले और लंबे कद के गेंदबाज देबाशीष मोहंती पर आ गई। मोहंती इस उम्मीद पर खरे उतरे और भारत ने यह सीरीज 4-1 से जीती। एक मैच रद्द हो गया था। उन्होंने टोरंटो में खेली गई इस सीरीज में अनवर को तीन बार आउट किया था। अनवर, जो उन दिनों विश्व क्रिकेट में अपना नाम बना चुके थे, उन्हें मोहंती की गेंदें समझ नहीं आती थीं। उस सीरीज में भारत के कप्तान रहे सचिन तेंदुलकर ने एक बार मोहंती और अनवर का किस्सा साझा किया था।

उन्होंने बताया, ‘शुरुआती चार मैच में देबो (देबाशीष) ने अनवर को बहुत परेशान किया था और आउट भी किया था। चार मैच के बाद एक कार्यक्रम था। वहां पर दोनों टीमों के खिलाड़ी थे। तभी सईद अनवर मेरे पास आए। उसने पूछा- वो सब तो ठीक है, ये बताओ कि देबाशीष करता क्या है? मैंने पूछा कि क्या हो गया। इस पर अनवर बोले कि उसकी स्विंग समझ ही नहीं आती। जब मैं गेंद छोड़ता हूं तो वह अंदर आ जाती है। जब मैं गेंद खेलता हूं तो बाहर चली जाती है।’ हालांकि, देबाशीष का करियर उतना शानदार नहीं रहा, जितना हो सकता था। उन्होंने चार साल के अपने छोटे से करियर में 45 वनडे और दो टेस्ट मैच खेले। देबाशीष के लिए इंग्लैंड की परिस्थितियां सबसे ज्यादा मुफीद थीं। उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (4/56) भी इंग्लैंड में ही किया। उन्होंने विश्व कप के मैच में केन्या के खिलाफ यह प्रदर्शन किया था।

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