यह आलेख क्यों पढ़ें?

  • क्रिकेट की एक अनसुनी कहानी, जब धोनी और मीडिया में ठनी
  • किस वजह से मीडिया से खफा हो गए थे महेंद्र सिंह धोनी?
  • धोनी और सहवाग के बीच तनाव की ख़बरें कैसे आईं बाहर?
  • 2009 में टी-20 विश्वकप खिताब क्यों नहीं बचा पाया था भारत?

MS Dhoni birthday 7th July 1981: महेंद्र सिंह धोनी उन दिनों तीनों फॉर्मेट में कप्तान के तौर पर स्थापित हो चुके थे। टीम इंडिया के साथ 2007 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने समेत देश-विदेश में कुछ बड़ी सफलताएं अर्जित कर चुके थे। हर जीत के बाद मीडिया में उनके लिए कसीदे पढ़े जाते - अनहोनी को होनी कर दे वह है कैप्टन धोनी, कैप्टन कूल का जवाब नहीं, एक और धोनी धमाका, वगैरह, वगैरह। मीडिया के साथ धोनी के बेहद मधुर रिश्ते थे। कितनी भी दबाव की स्थिति होती, वह मुस्कुराकर मिलते। तनाव की किसी सूरत में कई बार ख़ुद पर ही कोई जोक छोड़ देते और फिजां में हंसी घुल जाती।

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कप्तान के तौर पर धोनी के करियर की सबसे बड़ी परीक्षा आई 2009 में। इंग्लैंड में हुआ दूसरा टी-20 वर्ल्ड कप धोनी के लिए बहुत बड़ा चैलेंज था। ऐसा इसलिए क्योंकि 2007 में जब किसी ने उम्मीद नहीं की थी तब उनकी अगुआई में युवा टीम इंडिया वर्ल्ड चैंपियन बन गई। दो साल बाद कप्तान के तौर पर वह काफी परिपक्व हो चुके थे। इंडियन प्रीमियर लीग शुरू हो चुकी थी और भारतीय खिलाड़ियों को टी-20 फॉर्मेट में खेलने का ज़्यादा से ज़्यादा अनुभव मिल चुका था। ऐसे में धोनी के सामने चुनौती थी विश्व खिताब बचाने की।

जब इंग्लैंड में होने वाले दूसरे टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम घोषित हुई, तो उसमें ज़्यादातर वही प्लेयर थे, जो 2007 की चैंपियन टीम में शामिल थे। कुल 15 में से 10 पुराने थे, जबकि जहीर खान, सुरेश रैना, प्रवीण कुमार, ईशांत शर्मा और रविंद्र जाडेजा पहली बार शामिल किए गए थे।

भारतीय टीम साउथ अफ्रीका में आईपीएल खेलने के तुरंत बाद इंग्लैंड पहुंची थी। जोहानिसबर्ग में 24 मई को आईपीएल का फाइनल हुआ था, जबकि उसके ठीक एक हफ्ते बाद वर्ल्ड चैंपियन भारत को लॉर्ड्स पर अपना पहला वार्मअप मैच खेलना था। उस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को हरा दिया। यह एक झटका था, लेकिन मैच की सबसे गौर करने वाली बात यह थी कि भारत की ओर से गौतम गंभीर के साथ रोहित शर्मा ने ओपनिंग की। नियमित ओपनर वीरेंद्र सहवाग इलेवन में भी शामिल नहीं थे।

अगला वार्मअप मैच दो दिन बाद यानी 3 जून को ओवल मैदान पर खेला गया और इस बार सामने थी पाकिस्तान की टीम। भारत ने इस मैच को नौ विकेट से जीता। इस बार भी रोहित शर्मा ने पारी की शुरुआत की और पाकिस्तान के गेंदबाजों के छक्के छुड़ाते हुए 80 रन बनाए। वर्ल्ड कप के अपने शुरुआती मैच से पहले भारत ने इस बड़ी जीत के साथ वार्मअप तो कर लिया, लेकिन एक सवाल फिर भी हर किसी की जुबान पर था। आखिर वीरेंद्र सहवाग कहां हैं? प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सवाल का गोलमोल जवाब मिला।

इसी बीच एक ख़बर मिली कि सहवाग पूरी तरह फिट नहीं हैं। यहां तक तो ठीक था, लेकिन असल मसला तब हुआ, जब यह ख़बर आ गई कि सहवाग को आईपीएल के दौरान चोट लगी थी और उन्होंने अपनी चोट छुपाई। इससे भी आगे एक और बात सामने आई कि इसी मुद्दे को लेकर धोनी और सहवाग के बीच बहस हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, तनातनी यहां तक बढ़ गई कि दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई।

Fans celebrated Mahendra Singh Dhoni's birthday

भारत को वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज का अपना पहला मैच 6 जून को ट्रेंटब्रिज में खेलना था। उसके एक दिन पहले सूत्रों के हवाले यह ख़बर मिली कि किस तरह धोनी और सहवाग के बीच तलवारें खिंच चुकी हैं और किस तरह टीम दो ख़ेमों में बंट गई है। इस ख़बर के चलने से टीम के अंदर खलबली मच गई।

5 जून, 2009 को मैच पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक अभूतपूर्व घटना हुई। हम सभी मीडिया वाले ट्रेंटब्रिज के प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में कैप्टन धोनी का इंतज़ार कर रहे थे। यह हॉल ड्रेसिंग रूम ब्लॉक के ठीक पीछे था। अचानक हमने देखा कि धोनी के साथ पूरी टीम हॉल की ओर आ रही है। धोनी थोड़े असहज दिख रहे थे। देखते-देखते पूरी टीम प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए बने एक मंच के ऊपर चढ़ गई। धोनी और टीम मैनेजर कुर्सी पर बैठे, जबकि बाकी टीम उनके पीछे खड़ी रही।

धोनी की कुर्सी के ठीक पीछे इरफान पठान, प्रज्ञान ओझा, हरभजन सिंह, रविंद्र जाडेजा और वीरेंद्र सहवाग भी थे। सहवाग के चेहरे पर कृत्रिम मुस्कान थी। धोनी ने अपनी जेब से एक काग़ज़ निकाला और लिखित बयान पढ़ने लगे। उनके शुरुआती शब्द थे, 'भारत के लोग और दुनियाभर के भारतीय क्रिकेट फैंस'। उनके इस तकरीबन दो मिनट के लिखित बयान का सार था कि टीम एकजुट है और खिलाड़ियों के बीच दरार की कोई भी ख़बर बेबुनियाद और गैरजिम्मेदाराना व्यवहार की तरह है। धोनी ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया और पूरी टीम मुस्कुराते हुए हॉल से बाहर निकल गई।

अगले दिन भारत ने अपने वर्ल्ड कप बचाव अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की। टीम ने बांग्लादेश को 25 रन से शिकस्त दी। इस मैच में भी गंभीर के साथ रोहित ने ओपनिंग की। सहवाग कहीं नहीं दिखे। भारत का अगला मैच चार दिन बाद आयरलैंड के साथ था। इस बीच धोनी-सहवाग विवाद ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा था। हर दिन कोई नई बात सामने आती।

MSD birthday

आयरलैंड से मैच के एक दिन पहले भारतीय टीम ट्रेंटब्रिज मैदान से आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक रग्बी मैदान पर प्रैक्टिस करने पहुंची। प्रैक्टिस के बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस का सभी को बेसब्री से इंतज़ार था। इस बीच दफ्तर से सूचना मिली कि एक चैनल ख़बर चला रहा है- 'चोटिल सहवाग भारत वापस लौटेंगे'। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक साथी पत्रकार ने जब इस बारे में धोनी से पूछा तो उन्होंने कहा कि अगर उनकी फिटनेस को लेकर कोई बात होगी, तो आपको बीसीसीआई की ओर से रिलीज भेज दी जाएगी।

हालांकि, मैंने जब दोबारा यही सवाल धोनी से पूछना चाहा, तो मीडिया मैनेजर ने बात काटने की कोशिश की। तब मैंने उन्हें रोकते हुए धोनी से पूछा कि क्या एक कप्तान के तौर पर आपके पास अपने प्रमुख बल्लेबाज का फिटनेस अपडेट नहीं है? धोनी का जवाब था कि है। इस पर मैंने कहा, 'तो आप इसको पूरी दुनिया की मीडिया के सामने क्यों नहीं बता देते? क्यों टीम के अंदर से कुछ लोग ख़बरें लीक कर रहे हैं?' धोनी इस पर बिफर गए। उन्होंने लीक करने की बात को अपने ऊपर ले लिया और फिर माहौल काफी गर्म हो गया। टीम मैनेजर और एक वरिष्ठ साथी ने किसी तरह मामले को संभाला।

उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही देर बाद बीसीसीआई ने सूचित किया कि सहवाग को कंधे में चोट है और वह वर्ल्ड कप से बाहर हो गए हैं। सहवाग की जगह टीम में दिनेश कार्तिक को शामिल किया गया है। इस बात से हमारी उस ख़बर पर मुहर लग गई कि सहवाग वाकई चोटिल थे। उसके बाद भारत ने अपना अगला मैच आयरलैंड से तो जीत लिया, लेकिन धोनी की सेना सुपर-8 राउंड के अपने सभी तीनों मैच हार गई। भारत ने इस तरह दो साल पहले जीता वर्ल्ड कप भी गंवा दिया।

आवाज़ : संजीव कुमार

Web Title:

महेंद्र सिंह धोनी उम्र | Happy Birthday MS Dhoni in Hindi | Dhoni vs Sehwag | World Cup

(Hindi podcast on Navbharat Gold)

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